प्रधानमंत्री मोदी की सोच अंतिम पायदान पर खड़े गरीब तक आर्थिक विकास का लाभ पहुंचाना : केंद्रीय मंत्री

सादड़ी पालीप्रधानमंत्री मोदी की सोच अंतिम पायदान पर खड़े गरीब तक आर्थिक विकास का लाभ पहुंचाना : केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरीसंसदीय क्षेत्र के प्रवास के दौरान केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने लिया विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा, दपु खान मिरासी के निधन को बताया लोककला के क्षेत्र में अपूरणीय केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय प्रशिक्षण विभाग द्वारा आयोजित बालोतरा नगर मण्डल के प्रशिक्षण शिविर में भाग लेकर पार्टी की रीति-नीति, क्रियाकलापों और केंद्र सरकार की योजनाओं पर उपस्थित कार्यकर्ताओं से संवाद किया। प्रशिक्षण को सम्बोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है। देश के अन्य राजनीतिक दल परिवार आधारित। भाजपा में व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि व्यक्तित्व विकास होता है। भाजपा कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। भाजपा में हर छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं को बराबर सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता अन्य दलों के कार्यकर्ताओं से अलग है, यह संदेश जनता में भी जाना चाहिए। भाजपा के कार्यकर्ता का व्यवहार ऐसा हो कि जनता उसके व्यवहार से खुश हो। कैलाश चौधरी ने कहा कि पार्टी के जो भी लोग पदों पर हैं। उन्हें भी स्वयं को कार्यकर्ता के रूप में देखना चाहिए। यह भाजपा ही है जहां एक सामान्य बूथ अध्यक्ष भी मेहनत और समर्पण के बल पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद तक पहुंच सकता है।इसके बाद कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने जेतेश्वर धाम सिणधरी में पूजा अर्चना कर महंत पारसराम महाराज से आशीर्वाद लिया और श्री जम्भेश्वर भगवान मन्दिर, सोनड़ी में दर्शन लाभ प्राप्त करके मन्दिर परिसर में स्व.श्री हीराराम जी पुत्र श्री पुरखाराम जी की स्मृति में निर्मित प्याऊ के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। केंद्रीय मंत्री चौधरी ने लाभार्थी भामाशाह परिवार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि परोपकार के कार्य लोगों के लिए सदैव प्रेरणादायी रहते हैं। जनसेवा में लगाया गया धन कभी व्यर्थ नहीं जाता। कैलाश चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच अंतिम पायदान पर खड़े गरीब तक लोकतंत्र और आर्थिक विकास का लाभ पहुंचाने की है। जब तक विकास, खासकर आर्थिक विकास समावेशी नहीं होता, यह टिकाऊ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का सबका साथ, सबका विकास का नारा इसी के अनुरूप है। केंद्र सरकार के पास एक परोपकारी प्रधानमंत्री हैं जिनकी सोच आजादी और लोकतंत्र के फायदे को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की है।बयूरो रिपोर्ट ललित दवे