कहा लोकतंत्र मे आमलोगो के अधिकार को पदाधिकारी कर रहे हैं दमन

बेलदौर बीडीओ के कार्यशैली पर प्रमुख ने जताई कडी आपत्ति ,कहा लोकतंत्र मे आमलोगो के अधिकार को पदाधिकारी कर रहे हैं दमन ,

बीडीओ अपने आपत्तिजनक कार्यशैली को लेकर पहले भी आ चुके है सुर्खियों मे

फोटो-प्रखंड प्रमुख बिकास कुमार

सुमलेश कुमार यादव संवाददाता

बेलदौर -संवैधानिक पद की गरिमा को तारतार कर अपने आपत्तिजनक कार्यशैली से सुर्खियो मे रहनेवाले बेलदौर बीडीओ एकबार फिर शिकायतकर्ता को दोषी साबित कर चर्चा मे आ गये है ।वही बीडीओ के मनमाने एवं आपत्तिजनक कार्यशैली से जनप्रतिनिधि समेत आमलोगो मे घोर नाराजगी पनप रही है ।गुरूवार को प्रखंड प्रमुख विकास कुमार पासवान ने आमलोगो की समस्याओं को गंभीरता से लेते बीडीओ के कार्यशैली पर कड़ आपत्ति जताते इसकी लिखित शिकायत डीएम से की ।लिखित आवेदन मे इन्होने बताया कि बीडीओ शशिभूषण कुमार से अनियमितया मे लिप्त कर्मी काफी खुश है तो वही इनके बिगड़े बोल एवं आरोपी कर्मी से सांठगांठ की पोल खुलने से पीड़ित शिकायतकर्ता अपनी फरियाद इनसे बताने से भी डरते है ।बीडीओ द्वारा शिकायतकर्ता को डांटना, जेल भेजने की धमकी देना, डंडा मारने की धमकी देना, आदि अमर्यादित कार्यशैली सरकार की न्याय के साथ बिकास की बातो को खोखला साबित कर रही है । वही प्रखंड प्रमुख ने पचौत पंचायत मे आवास सहायको द्वारा किये गये शिकायत को दबाने मे बीडीओ के साजिश को उजागर कर बताया कि बीडीओ के द्वारा ग्रामीण आवास सहायक को सपोर्ट कर जांच

करना एक सवाल है, आखिर प्रखंड विकास पदाधिकारी ग्रामीण आवास सहायक का सपोर्ट क्यों करते हैं! जबकि जांच में कुछ ऐसे लाभार्थी का घर भी दिखाया गया जिसको कि तीसरा किस्त की राशि भुगतान कर दी गई है! लेकिन घर अधूरा है आखिर दो तरह का नियम एक ही जगह रखना कहीं ना कहीं लोगों के शिकायत को ताकत देती है! इसलिए प्रखंड प्रमुख ने खुद जाकर तहकीकात कर माननीय जिला पदाधिकारी खगड़िया एवं मंत्री ग्रामीण विकास विभाग व सचिव तथा पंचायती राज मंत्री व सचिव बिहार सरकार को आवेदन देकर उचित कार्यवाही की मांग की है! प्रखंड प्रमुख के द्वारा जांच की गई लोगों का बयान वीडियो भी साथ में संलग्न है लोगों का आवेदन लोगों की वस्तु स्थिति सारी बातों को ध्यान में रखते हुए कहीं ना कहीं प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं उनके कर्मी ग्रामीण आवास सहायक सवालों के घेरे में

निश्चित आते हैं, इसलिए इन सभी संबंधित सारी बातों को ध्यान में रखते हुए जांच कर वरीय अधिकारी को अपने स्तर से उचित कार्यवाही करने की जरूरत है , इसलिए प्रखंड प्रमुख ने आवेदन देकर यह मांग किया है कि उचित कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाए ! आखिर सवाल आम जनता का जबकि प्रखंड प्रमुख ने बताया अगर हमारे या नेताओं, मीडिया, समाजसेवी,के साथ तो इनका व्यवहार अमानवीय था ही जिसे बर्दाश्त किया भी जा रहा था, लेकिन आम जनता के साथ कई बार इनका व्यवहार गलत था ! इनकी कई कहानी है और भी है , इनको कई बार वरीय अधिकारी से फटकार भी लगी है फिर भी इनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ है! इसी कारण से कई बार चर्चा में भी आए !