सावित्रीबाई फुले की सामाजिक सुधार में अहम भूमिका रही

सावित्रीबाई फुले की सामाजिक सुधार में अहम भूमिका रही

मुंबई से नरगिस खान की रिपोर्ट

यूपी फाइट टाइम्स मुम्बई/भारत की पहली फेमिनिस्ट आइकॉन मानी जाने वाली सावित्रीबाई पूरे देश के सामाजिक सुधार आंदोलन की अहम भूमिका रहीं। खास तौर से महाराष्ट्र में उन्होंने जिस क्रांति का बिगुल फूंका था, वह आज तक धरोहर के तौर पर सहेजा जाता है। समाज सुधार में ऐतिहासिक पुरुष ज्योतिबाराव फुले ने जब पहला कन्या विद्यालय खोला, तब सावित्रीबाई फुले ने वहां अध्यापन किया इसलिए उन्हें देश की पहली महिला शिक्षिका का खिताब भी हासिल की है।जातिवाद और पुरुष प्रधान सामाजिक व्यवस्था को ललकारते हुए उन्होंने बालिका शिक्षा को समाज के लिए बड़ी ज़रूरत बताया था। जातिगत भेदभाव, अत्याचार और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ सावित्रीबाई ने न केवल शिक्षा और सामाजिक कामों के ज़रिये जागरूकता पैदा की बल्कि कविताएं लिखकर खुद को बतौर कवयित्री भी स्थापित किया। आज उनके स्मृति दिवस पर विनम्र अभिवादन किया।