शीतलहरी व ठण्ड के मद्देनजर बलरामपुर जिला प्रशासन की ओर से उठाए गए कई कदम

बलरामपुर
दिनांक 18 नवंबर 2020

शीतलहरी व ठण्ड के मद्देनजर बलरामपुर जिला प्रशासन की ओर से उठाए गए कई कदम

जिले में 6 रैनबसेरों की किए गए स्थापित

ठंड के दौरान अलाव जलवाने के लिए तहसीलों को पैसे आवंटित

किसी भी आपदा की स्थिति में जिलावासी कलेक्ट्रेट स्थित कंट्रोल रूम में फोन करके सहायता प्राप्त कर सकते हैं

ठण्ड के मद्देनजर रात में पेट्रोलिंग के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्त

जरूरतमंदों की सेवा करने वाले गैर सरकारी संगठनों को प्रोत्साहित करने के लिए भी बनाई गई योजना

मौसम विभाग के अनुसार इस बार ठण्ड अधिक पड़ने की सम्भावना है। जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश ने बताया कि जिले के चारों नगर निकायों, जिला महिला चिकित्सालय व संयुक्त जिला अस्पताल में एक एक रैनबसेरों की स्थापना की गई है। बलरामपुर में मेमोरियल चिकित्सालय के पास, उतरौला में बस स्टेशन के पास, तुलसीपुर में अखिलेश्वर गल्र्स इंटर कालेज व पचपेड़वा में जलकल परिसर में रैनबसेरे स्थापित किए गए हैं। इन रैनबसेरों की शासन द्वारा जियो टैगिंग भी कराई गई है। समस्त उपजिलाधिकारी व पुलिस क्षेत्राधिकारी को सम्बंधित तहसील क्षेत्र में पेट्रोलिंग के लिए नामित किया गया है। नामित अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि सार्वजनिक स्थानों जैसे-सड़क, पटरी, अस्पताल, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व अन्य सार्वजनिक बाजार इत्यादि में कोई भी असहाय व्यक्ति खुले में न लेटे। यदि कोई व्यक्ति खुले में लेटे पाया जाए तो उसे रैन बसेरा में पहुंचा दिया जाए। मुख्य कार्यपालक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार शुक्ल ने बताया कि अत्यधिक ठण्ड एवं शीतलहरी से उत्पन्न होने वाली समस्याआंे के दृष्टिगत निराश्रित, असहाय एवं कमजोर वर्ग के असुरक्षित व्यक्तियों को राहत पहुंचाने में गैर सरकारी संगठनों व समाजसेवियों की व्यापक भूमिका हो सकती है। उपजिलाधिकारियों को तहसील क्षेत्र में कार्यरत गैर सरकारी/समाजसेवी संगठनों की सूची तैयार करने को कहा गया है। उन्हें शीतलहर के दौरान निराश्रित, असहाय एवं कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को राहत पहुंचाने हेतु प्रोत्साहित किया जायगा। कई संगठनों द्वारा इस दौरान कम्बल वितरित किए जाते हैं। ऐसे संगठनों से वितरण की पूर्व जानकारी प्राप्त की जाएगी। ऐसे संगठन कम्बल वितरण अथवा अन्य राहत कार्यों की जानकारी तहसील प्रशासन को दे सकते हैं। लेखपाल अथवा अन्य सक्षम कर्मियों/अधिकारियों के माध्यम से कम्बल वितरण को सत्यापित कराकर इस प्रकार का पुनीत कार्य करने वाले समाज सेवियों व संगठनों को प्रशासन द्वारा प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन सलाहकार सचिन मदान ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में आपदा नियंत्रण कक्ष स्थापित है इसका मोबाइल नम्बर 8960010336, 9170277336 है। शीतलहर व ठण्ड से सम्बंधित किसी भी परेशानी के लिए इन नम्बरों पर फोन किया जा सकता है। यह 24 घंटे संचालित है। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण की ओर से मीडिया बंधुओं से अनुरोध किया कि ठण्ड से मौत की रिपोर्टिंग करने से पूर्ण सभी तथ्यों की जानकारी ले लें। यदि मरने वाले व्यक्ति के पास ठण्ड से बचने के लिए उसके घर में कपड़े कम्बल आदि नहीं है और इस कारण ठण्ड लगने से मौत होती है तो वह ठण्ड से मौत की श्रेणी में आता है। कई बार सक्षम व्यक्तियों की ठण्ड से होने वाली बीमारियों से होने वाली मौत को भी ठण्ड से मौत की रिपोर्टिंग कर दी जाती है। प्राधिकरण ने सभी मीडिया बंधुओं से इस सम्बंध में सुझाव भी मांगे हैं जो वह आपदा नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नम्बरों पर दे सकते हैं।