You are currently viewing शहीद की सहायता राशि में पत्नी व परिजनों के बीच में छिड़ा विवाद

✍️शहीद की सहायता राशि में पत्नी व परिजनों के बीच में छिड़ा विवाद

👉23 अगस्त को महाराष्ट्र पुणे मे हुआ जवान शहीद,पत्नी घर पर कैद

        रिपोर्ट - बंशीलाल

कौशाम्ंबी। पइसा थाना क्षेत्र के रामसहाईपुर गांव निवासी सैनिक सिपाही की इलाज के दौरान महाराष्ट्र पुणे के न्यू कमांड हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 23 अगस्त को मौत हो गई थी। 24 अगस्त को गांव में राजकीय सम्मान के साथ दाह संस्कार किया गया। दुखी पत्नी को सिराथू आईटीआई प्रबंधक द्वारा पचास हजार रू0 की सहायता राशि दी गई। जिसमें परिजनों के बीच धनराशि बटवारा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। जिला अधिकारी को शिकायती पत्र देकर पत्नी ने परिजनों के खिलाफ जांच की मांग किया।
रामसहाईपुर निवासी नरेंद्र कुमार सिपाही को 3 जून 2021 की शाम नक्सली हमले के दौरान महाराष्ट्र पुणे के जंगल में गोली मार दी गई थी। जिसमें नरेंद्र का उपचार महाराष्ट्र के न्यू कमांड हॉस्पिटल में हो रहा था। इलाज के दौरान 23 अगस्त की सुबह सैनिक की मौत हो गई। सैनिक का पार्थिव शरीर २५ अगस्त को रामसहाईपुर गांव पहुंचा। जहां पर राजकीय सम्मान के साथ सैनिक की अंत्येष्टि की गई। इसके बाद परिजनों को सिराथू आईटीआई प्रबंधक निखिल प्रताप सिंह ने 50 हजार रू0 की सहायता राशि मां सुदामा देवी व भाई राकेश कुमार नरेंद्र कुमार तथा नंद रेखा देवी के हाथ में दिया। शहीद नरेंद्र कुमार की पत्नी दीपा को घर मेब न्द कर दिया गया। जिला अधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि शहीद नरेंद्र की माता सुदामा देवी भाई राकेश कुमार महेंद्र कुमार और नन्द रेखा देवी ने आईटीआई प्रबंधक सिराथू निखिल प्रताप सिंह से 50 हजार रू0 की आर्थिक सहायता लिया। जिसमें शहीद की पत्नी को कोई जानकारी नहीं दी गई। इसके बाद सभी परिजनों ने आपस में पैसे का बंदर बाट कर लिया। आरोप लगाया कि ७ लाख 50 हजार रू० शहीद के इलाज में खर्च बता कर शहीद की पत्नी को सहायता राशि से दरकिनार दिया गया। जबकि महाराष्ट्र के पुणे न्यू कमांड हॉस्पिटल में सरकारी इलाज हुआ। जिसमें पति के इलाज पर परिजनों का कोई पैसा खर्च नहीं हुआ। लेकिन शहीद नरेंद्र के परिजनों द्वारा विधवा पत्नी को परेशान किया जा रहा है। जबकि शहीद के परिवार में तीन लड़कियों का भरण पोषण पत्नी के सर पर बोझ छोड़ दिया गया है।