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बलरामपुर।

*एकल व्यवस्था जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 में निहित प्राविधानों के अनुसार नागरिक पंजीयन प्रणाली के अन्तर्गत

सी0आर0एस0 साफ्टवेयर विकसित*

दिनांक 19 नवम्बर, 2020

बलरामपुर। जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश ने बताया कि जन्म-मृत्यु पंजीकरण की एकल व्यवस्था जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 में निहित प्राविधानों के अन्तर्गत लागू की गयी है। नीति आयोग की हेल्थ इंडेक्स रिपोर्ट 2018 के अनुसार उत्तर प्रदेश में कुल वाार्षिक जन्म का आंकलन के सापेक्ष जन्म पंजीकरण मात्र 60.70 प्रतिशत पाया गया है। जिसके कारण स्वास्थ्य सूचकांक पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य में संपूर्ण देश की भांति जन्म मृत्यु पंजीकरण हेतु एकल व्यवस्था जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 में निहित प्राविधानों के अनुसार नागरिक पंजीयन प्रणाली के अन्तर्गत सी0आर0एस0 साफ्टवेयर (www.crsorgi.gov.in) विकसित किया गया है। जिसके कारण उपयोग से पंजीकरण कार्य में एकरूपता आयेगी। सी0आर0एस0 साफ्टवेयर के उपयोग हेतु जनपद में स्थित सभी पंजीयन इकाईयों के रजिस्ट्रारों को यूजर आई0डी0 तथा पासवर्ड भी अपर जिला रजिस्ट्रार(जन्म-मृत्यु)/मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराये जा चुके है।

        जिलाधिकारी ने इस संबन्ध में निर्देशित किया है कि शासनादेश के अनुसार जन्म-मृत्यु पंजीकरण कार्यक्रम के अन्तर्गत पंजीकरण कार्य हेतु नगर विकास विभाग, चिकित्सा एंव स्वास्थ्य विभाग तथा पंचायती राज विभाग द्वारा निम्न कार्यवाही सुनिश्चित की जायें।

        पंचायती राज विभाग एवं नगर विकास विभाग सी0आर0एस0 पोर्टल पर आॅनबोर्ड होंगे, इसके लिए संबन्धित विभाग सी0आर0एस0 पोर्टल पर सीधे लाॅगिन करेंगें या हाइपर लिंक उपलब्ध कराये जाने के पश्चात् पंजीयन कार्य करेंगंे। यह व्यवस्था 01 जनवरी, 2020 से लागू हो चुकी है। जनसुविधा केन्द्रों के माध्यम से पंजीकरण का आवेदन देते समय अनुमन्य शुल्क जो देय होता है, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जायें। यदि जन्म अथवा मृत्यु की घटना निर्धारित समयावधि 21 दिन के अन्दर पंजीकृत नहीं की गयी है, तो वह घटना जन्म-मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1969 और उसके अन्तर्गत बनायी गयी नियमावली 2002 में निहित नियम के अधीन पंजीकृत की जायेगी। जनपदों में मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर पंजीकृत समस्त निजी चिकित्सा संस्थानों को सी0आर0एस0 साफ्टवेयर पर सूचनादाता के रूप में कार्य किये जाने हेतु यूजर आई0डी0 एवं पासवर्ड जनपद के अपर जिला रजिस्ट्रार/मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराये जाये। अपलोड की गयी सूचना के आधार पर संबन्धित स्थानीय रजिस्ट्रार(जन्म-मृत्यु) पंजीकरण करेंगें।

        31 जनवरी, 2020 के पश्चात् जन्म-मृत्यु पंजीकरण हेतु ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल तथा ई-नगर सेवा के माध्यम से पंजीकरण की समानान्तर व्यवस्था पूरी तरह से बन्द कर दी गयी है। 01 फरवरी, 2020 से सभी पंजीयन इकाईयों द्वारा पंजीकरण हेतु सी0आर0एस0 पोर्टल पर उपयोग किये जाने हेतु संबन्धित विभाग ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल एवं ई-नगर सेवा पोर्टल प्रणाली में आवश्यक संशोधन सुनिश्चित करा लें। सी0आर0एस0 साफ्टवेयर से संबन्धित यूजर आई0डी0 एवं पासवर्ड जनपद में स्थित पंजीयन इकाईयों के रजिस्ट्रारों/संबन्धित अधिकारियों को यदि किसी कारणवश उपलब्ध नहीं हो पाये हो, तो संबन्धित विभाग अपर जिला रजिस्ट्रार(जन्म-मृत्यु)/मुख्य चिकित्साधिकारी, बलरामपुर से समन्वय स्थापित करें। उक्त आदेश का कड़ाई से अनुपालन किया जाए। यदि कोई जन्म अथवा मृत्यु की घटना उसके घटित होने के 30 दिन पश्चात् किन्तु 01 वर्ष के भीतर रजिस्ट्रार को दी जाती है। तो उसके लिए शपथ पत्र के माध्यम से आवेदक को जिला पंचायत राज अधिकारी(ग्रामीण क्षेत्र के लिए) एवं उप मुख्य चिकित्साधिकारी (नगरीय क्षेत्र के लिए) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने पर लिखित अनुमति के पश्चात् रु0 5 का विलम्ब शुल्क भुगतान किये जाने के पश्चात् ग्राम पंचायत अधिकारी/नगर विकास विभाग/अधीक्षक/प्रभारी चिकित्साधिकारी चिकित्सा ईकाई के माध्यम से पंजीकरण कर जन्म/मृत्यु प्रमाण-पत्र निर्गत किये जायेंगें। यदि कोई जन्म अथवा मृत्यु की घटना उसके घटित होने के 01  वर्ष के पश्चात् रजिस्ट्रार को दी जाती है, तो उसके लिए शपथ-पत्र के माध्यम से आवेदक को क्षेत्र के उप जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने पर लिखित अनुमति के पश्चात् रु0 10/ विलम्ब शुल्क भुगतान किये जाने के पश्चात् ग्राम पंचायत अधिकारी/नगर विकास विभाग/अधीक्षक/प्रभारी चिकित्साधिकारी चिकित्सा ईकाई के माध्यम से पंजीकरण कर जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत किये जायेंगें।