प्रयागराज मंडल के स्टेशनों के एसटीएम को केंद्रीय डाटा लोगर केंद्र से जोड़ा गया

अर्जुन सिंह के साथ प्रयाग पांडेय की रिपोर्ट

प्रयागराज मंडल में सिग्नल विभाग का तकनीकी कौशल बना वरदान कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के कारण यात्री तथा मालगाड़ी का संचालन सीमित होने के कारण सिगनल एवं दूरसंचार विभाग का जो कार्य, ब्लॉक के दौरान किया जाता है उसमें तेजी देखने को मिली है । इस दौरान रेल के सुरक्षित संचालन के लिए सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य किए। यात्रियों की सुरक्षा हेतु कोरोना स्लोगन प्रयागराज डिवीजन के सभी रेलवे स्टेशनों पर फीड किया गया जिससे रेल यात्रियों को कोरोना महामारी से बचाव के तरीकों से अवगत कराया जा सके। प्रयागराज मंडल में रेल परिचालन अत्यंत सघन है तथा हर पल बहुत कीमती है। किसी खराबी के आने पर समय की बचत हो, इसीलिए स्टेशन पर सिग्नलिंग गियर के लिए उपलब्ध कराये गये एटी सप्लाई को मंडल के केंद्रीय डाटा लागर केंद्र से लगातार मॉनिटर करने की व्यवस्था की जा रही है । इस क्रम में यह व्यवस्था नौ स्टेशनों पर पूरी कर ली गई है। मानसून से पूर्व, खैराही- सोनभद्र खंड में क्वाड केबल टेस्ट करने का कार्य पूरा कर लिया गया है ताकि मानसून के दौरान ब्लॉक वर्किंग प्रभावित ना हो। सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के सभी स्टेशन एवं ऑटो सेक्शन के बिल्डिंग की छत को मानसून आने के पूर्व साफ कर लिया गया है। पावर सप्लाई को दुरुस्त करने हेतु 9 स्टेशनों के बैटरी बैंक को बदला गया है। पुरानी हो चुकी लगभग 18 पॉइंट मशीनो को बदला गया है। चार स्टेशनों पर पैनल टेस्टिंग किया गया है। 7 स्टेशनों पर ईएलडी लगाया गया है ताकि केबल में किसी भी तरह की खराबी को समय से पहचान कर दूर किया जा सके इतना ही नहीं, इसे मंडल के केंद्रीय डाटा लोगर केंद्र से भी जोड़ा गया है ताकि इसके द्वारा उपलब्ध डाटा का प्रतिदिन एनालिसिस किया जा सके ।सिग्नलिंग उपकरणों को चोरी होने से बचने के लिए पाँच LSC तथा दो ECU पर एंटी थेप्ट अलार्म लगाया गया है तथा इसे मंडल के केंद्रीय डाटा लोगर केंद्र से भी जोड़ा गया है। इसके आलावा, दूरसंचार व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए प्रयागराज मंडल के स्टेशनो के STM को केंद्रीय डाटा लोगर केंद्र से जोड़ा गया है । OFC हट में लगे 48 वोल्ट चार्जर में इनपुट 230 वोल्ट एसी खराबी आने पर केंद्रीय डाटा लोगर केंद्र से लगातार मॉनिटर करने की व्यवस्था के अंतर्गत 24 स्टेशनों को जोड़ा जा चुका है। कैलहट स्टेशन पर ओ एफ सी केबल बिछाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। चुनार चोपन खंड के लूसा स्टेशन पर स्थित समपार संख्या 19 के इंटरलॉकिंग के लिए आउटडोर का कार्य भी संपन्न हो गया है। मिर्जापुर स्टेशन पर ई आई में हॉट स्टैंडबाई से सम्बंधित कमियों को इसी दौरान दूर कर लिया गया है।ट्रैक सर्किट की विफलता को जल्द ठीक करने के लिए मंडल के तीन स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर कक्ष में ट्रैक फिड बैटरी चार्जर के इंडिकेशन लगाए गए हैं। साथ ही नैनी-मानिकपुर खंड के बेवरा स्टेशन के सभी ट्रैक फिड बैटरी चार्जर को मंडल के केंद्रीय डाटा लोगर केंद्र से भी जोड़ा गया है। फाल्स फीड पावर सप्लाई से मॉडर्न सिग्नलिंग सिस्टम को सुरक्षित करने हेतु इनपुट सप्लाई का सेग्रिगेशन दो स्टेशनो पर पूरा कर लिया गया है। शिकोहाबाद के लोहे के रेलवे ब्रिज संख्या 55 पर ट्रैक सर्किट की क्षमता को बढ़ाने के लिए एक्सल काउंटर लगाया गया है।तीसरी लाइन के लिए लगाए गए दो ब्लॉक इंस्ट्रूमेंट को सोमना स्टेशन पर बदला गया है ।

ऑटो सेक्शन वैर-अजायबपुर तथा वैर -दनकौर में सिग्नल की क्षमता को बढ़ाने के लिए मॉडिफाइड एलईडी लगाया गया है। समपार फाटक पास करने वाले वाहनों को गाड़ी आने से पहले ही सतर्क एवं सचेत करने के लिए इटावा – गाजियाबाद खंड के 31 समपार फाटक पर नजदीक आने वाली गाड़ियों द्वारा स्वचालित अलार्म बजने लगता है । यह कार्य समपार फाटक पर होने वाली एक्सीडेंट को कम करने में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। वर्तमान समय में सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग के 48 कर्मचारियों को ई -ट्रेनिंग के माध्यम से रिफ्रेशर तथा इक्विपमेंट कोर्स करवाया जा रहा है। वरिष्ठ मंडल सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता श्री सौरभ श्रीवास्तव ने कर्मचारियों की ई ट्रेनिंग हेतु विशेष प्रबंध किया है। समय समय पर वेबिनार के आयोजन से कर्मचारी तकनीकी लाभ उठा रहे हैं।