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सादड़ी पाली पाली में नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज का नाम महाराणा प्रताप के माताजी महारानी जयवंता के नाम रखने के लिए संघर्षरत एडवोकेट शैतान सिंहएडवोकेट शैतान सिंह सोनीगरा जो कि महाराणा प्रताप के ननिहाल के 16 वे वंसज है उन्होंने बताया कि पूर्व में भी महाराणा प्रताप की जन्मभूमि पाली में महाराणा प्रताप का स्मारक बनाने के लिए उन्होंने संघर्ष किया था तब उस वक्त के तत्कालीन कलेक्टर नीरज के पवन ने तुरंत प्रभाव से निर्णय लेते हुए महाराणा प्रताप जन्मस्थान स्मारक बनाने की घोषणा की उस पाली के सभापति केवलचंद गुलेच्छा के प्रयास से स्मारक के भूमि आबंटन की गई ये वो भूमि थी जो पाली नगरपरिषद द्वारा नीलम कर दी गई थी लेकिन विधायक ज्ञानचंद पारेख कुसुम सोनी और अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयत्न से नीलामी खारिज की और आज वहा भामाशाहो के सहयोग से भव्य महाराणा प्रताप स्मारक बनकर तैयार हुआ जिसका लोकार्पण पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा के कर कमलों से हुआ एडवोकेट शैतान सिंह सोनीगरा ने बताया कि महाराणा प्रताप का जन्म पाली में हुआ ये हमारे लिए गर्व की बात है महाराज अखयराजसिह के यहा जन्मे महाराणा प्रताप की जन्मस्थली को ऐतिहासिक दृष्टि से सम्मान दिलाने के लिए हमारा संघठन प्रयत्नशील है लोगो वास्तविकता से रूबरू कराना हमारा फर्ज है लोगो की जानकारी के अनुसार महाराणा प्रताप का जन्म कुम्भलगढ़ में हुआ जो वास्तविकता नही क्योकि महाराणा प्रताप पाली के महाराज अखयराजसिह की चौथे नंबर की पुत्री राजकुमारी जयवंता कुंवर जो कि मेवाड़ के राजघराने ब्याही हुई थी उनके पुत्र थे इतिहास कारो के अनुसार सन 1597 मेवाड़ कुम्भलगढ़ किसी भी दृस्टि से सुरक्षित नही था अंत मारवाड़ी परम्परा के अनुसार पहली संतान का जन्म और उसका पालन पीहर में होता है इस दृष्टि से और मेवाड़ के हालात को देखते हुए महारानी जयवंता कुंवर को पाली उनके मायके भेजा गया जहाँ महाराणा प्रताप का जन्म हुआ अखयराजसिह सिह के 16 वे वंसज एडवोकेट शैतान सिह सोनिगरा के अनुसार सरकार नारी सशक्तिकरण की बात करती है । तो ये सुनहरा अवसर है कि पाली के नवनिर्मित मेडिकल कॉलेज को महारानी जयवंता कुंवर के नाम से नवाजा जाए जिससे पाली का नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो इस अवसर को और पाली को ऐतिहासिक दर्जा दिलाने के लिए एडवोकेट शैतान सिंह सोनिगरा के साथ प्रशाशनिक अधिकारी राजनेता जनप्रतिनिधियों के पाली जिले आम जनता को भी अपना सहयोग देकर राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार तक इस विषय को ले जाने की आवश्यकता है।बयूरो रिपोर्ट ललित दवे