You are currently viewing डॉक्टर ने पार की लापरवाही की हदे ऑपरेशन के बाद महिला के पेट में छोड़ा तोलिया

*डॉक्टर ने पार की लापरवाही की* *हदे ऑपरेशन के बाद* *महिला* *के पेट में छोड़ा तोलिया।* आपको बताते चलें कि देवरिया जनपद के गौरी बाजार में स्थित दिनेशा हॉस्पिटल के महिला डॉक्टर संगीता सिंह का मानवीय चेहरा उजागर हुआ।हेतिमपुर के गोसाई टोला निवासी रेखा देवी पत्नी हरिहर गिरी का डिलीवरी बच्चे के ऑपरेशन। 12 अगस्त कराया इसके दौरान पेट में ही तोलिया छोड़ दिया गया था तथा महिला मरीज को टांका लगा कर 3 दिन बाद छुट्टी दे दिया गया जिससे महिला अपने घर चली आई और 2 दिन बाद उसका पेट दर्द होना चालू हो गया जिससे महिला के घर वाले दिनेशा हॉस्पिटल में लगातार 3 महीना तक इलाज कराते रहे और अपना खेत गहना बेच दिए। जब महिला के पेट का टांका से मवाद आना शुरू हुआ तथा पेट में गोला सा फूलना पचकना चालू हुआ तो दिनेशा हॉस्पिटल के डॉक्टर ने कहा कि आपको हर्निया हो गया है तथा आप अपने मरीज को लेकर के जी येम शी हॉस्पिटल लखनऊ लेकर जाएं तब मरीज के पास कुछ भी नहीं बचा था फिर वह लोग लोगों से ब्याज पर पैसा लेकर लखनऊ गया लेकिन वहां पर इलाज नहीं हो पाया तथा वह मेडिकल कॉलेज गोरखपुर लेकर आया जहां पर डॉक्टर ने मरीज का भर्ती किया परंतु मरीज की हालत में सुधार न होता देख परिजन मरीज को गोरखपुर के निजी अस्पताल आर्यन हॉस्पिटल में भर्ती कराया तथा वहां के डॉक्टर ने 1 फरवरी 2021 को पेट का ऑपरेशन किया तथा आत से तोलिया निकाला जो दिनेशा हॉस्पिटल के डॉक्टर के द्वारा छोड़ा गया था जिससे मरीज के घर में कोहराम मच गया तथा परिजन हताश हो गए आर्यन हॉस्पिटल के डॉक्टर का कहना था कि अगर आप लोग 2 दिन के अंदर ऑपरेशन नहीं होता तो मरीज मर जाती मरीज के परिजन जैसे तैसे दवा करा कर घर आए तब यह बात दिनेशा हॉस्पिटल के डॉक्टर को बताया तो डॉक्टर ने कहा की गलती हजार में से एक केस में हो जाती है तथा आप लोग मेरा कुछ नहीं कर पाएंगे मैं माननीय मंत्री सूर्य प्रताप शाही से लेकर राधेश्याम सिंह सब लोग मुझे जानते है तथा इन लोगों से मेरा बहुत अच्छा संबंध है मैं इन लोगों के चुनाव में मदद करता हूं और माननीय मंत्री जी के लड़के की चुनावी तैयारी चल रही है उसमें भी मैं मदद करूंगा जो मैं 5 करोड़ का हॉस्पिटल चला रहा हूं तो आप लोग अंदाज़ा लगा सकते है मै कुछ भी कर सकता हूं साम दाम दंड भेद पुलिस गुंडा बदमाश सब मै पाल कर रखा हूं आप लोग मेरा कुछ नहीं कर पाओगे मैं कानूनन मजबूत हूं अगर पीड़ित साबित करना चाहे तो 20 साल लग जाएंगे मैं कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाता रहूंगा तथा मैं भी राजपूत हूं मैं किसी से डरने वाला नहीं हूं इस बात से आहत होकर पीड़ित महिला के पति हरिहर गिरी डर गए तथा वह जिलाधिकारी देवरिया और मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवरिया को प्रार्थना पत्र देकर अपनी बात बताई तब जिलाधिकारी महोदय टीम गठित कर जांच का आदेश दिया महिला बहुत ही गरीब निर्धन परिवार से हैं अब पीड़ित जाए तो जाए कहां और माननीय मुख्यमंत्री से अपील की है कि मुझे न्याय नहीं मिलता है तो मैं अपने पति और अपने तीन बच्चों के साथ आत्मदाह कर लूंगी क्योंकि हमारे घर पर खाने को अन्न नहीं है रहने के लिए एक झुग्गी झोपड़ी है वही दाव पर लगा हैदेवरिया से अनुराग रंजन की रिपोर्ट