सेना द्वारा संगम क्षेत्र मैं कराई गई मुनादी तीर्थ पुरोहितों को भी कहा गया हटने के लिए।

प्रयागराज से प्रयाग पांडेय की रिपोर्ट

प्रयागराज के संगम क्षेत्र में सेना द्वारा संगम आने वाले सभी तीर्थ यात्रियों के धार्मिक कृत्यों को पूरी तरह से रोकने और तीर्थ पुरोहितों को संगम छोड़ देने की सूचना देने के पश्चात अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महासचिव श्री चन्द्रनाथ चकहा मधु जी ने तुरंत स्थानिय सांसद फूलपुर श्रीमती केशरी देवी जी को मामले की जानकारी दिया, सांसद जी के दिल्ली में होने की जानकारी उनके पुत्र पूर्व विधायक श्री दीपक पटेल जी ने दिया और तुरंत कांफ्रेंस काल पर सांसद श्रीमती केशरी देवी एवं चकहा जी की वार्ता कराई मधु जी ने सेना द्वारा संगम क्षेत्र कराए गए मुनादी की बात सुनकर आदरणीया सांसद जी ने भी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि आप हमको पूरे मामले की एक अप्लिकशन फैक्स करें। उन्होंने कहा कि वो दिल्ली में हैं और माननीय रक्षामंत्री जी से भेंट कर उन्हें अवगत कराएंगे और जल्द ही समस्या का पूरी तरह से निदान कराने का अस्वासन दिया है। वहीं महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमितराज वैध ने कहा कि सेना ऐसा कैसे कर सकती है। इसमें किसी षड़यंत्र के तहत धर्म पर घात करने का जो प्रयास इसे कभी सफल नहीं होने देंगे। पिछले दिसम्बर माह में प्रयागराज एवं फूलपुर की सांसद श्रीमती रीता बहुगुणा जोशी एवं श्रीमती केशरी देवी जी के नेतृत्व में महासभा के पदाधिकारियों का प्रतिनिधि मंडल रक्षामंत्री जी भेंट किया था जिसपर माननीय रक्षामंत्री जी ने मामले के जल्द से जल्द निस्तारण करने का आश्वासन भी दिया था। फूलपुर की सांसद जी ने कार्य आगे बढ़ाया प्रस्ताव तैयार करने हेतु उन्होंने पूर्व में प्रयाग में समीक्षा बैठक में भाग लेने आए माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी से भी इस मुद्दे और प्रस्ताव पर चर्चा की थी। जिसपर मुख्यमंत्री जी ने जिला प्रशासन को उचित कार्यवाही हेतु निर्देश भी दिए परन्तु देश में व्याप्त कोरोनावायरस महामारी के चलते कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो सकी। अचानक सेना द्वारा हो रहा कार्य दुर्भाग्यपूर्ण है, धार्मिक कृत्य भारतीय परम्परा की शोभा है । भारत के करोड़ों हिन्दू जनमानस की आस्था केन्द्र बिन्दु मां गंगा यमुना सरस्वती जी हैं। प्रयाग मोक्ष की भूमि है अर्द्धकुंभ महाकुंभ माघ मेला सब प्राचीन काल से होते आए हैं। वरिष्ठ सदस्य श्रवण कुमार शर्मा ने कहा कि यह धर्म पर कुठाराघात करने की साज़िश रची जा रही है जिसे हम कभी कामयाब नही होने देंगे। हजारों वर्षों से तीर्थ यात्रियों का धार्मिक कृत्य संगम क्षेत्र में होता आया है, मुगल शासन, अंग्रेजी शासन,देश की सरकारों ने कभी इस तरह के निंदनीय कार्य नहीं किया। इसका परिणाम सरकार को भूगतना पड़ सकता है। हम किसी किमत पर हार नहीं मानेंगे उक्त अवसर पर संरक्षक हरिजगन्नाथ शास्त्री रामकृष्ण तिवारी माधवानंद शर्मा पवन शास्त्री अनिल मिश्रा दिनेश तिवारी भय्यो महाराज राकेश शर्मा राहूल तिवारी सुरेश शर्मा पुष्कर तिवारी राकेश कुमार शर्मा सहित अन्य तीर्थ पुरोहित उपस्थित रहे।