जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम का नाम परिवर्तित कर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग किया गया।

जिला बलरामपुर।

दिनांक 13 अगस्त, 2020

संवाददाता राधेश्याम गुप्ता

बलरामपुर। प्रभारी अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, बलरामपुर ने बताया कि भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय (उपभोक्ता मामले विभाग) की अधिसूचना द्वारा पूर्व के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को निरसित करते हुये उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 दिनंाकित 20 जुलाई, 2020 से प्रभावी कर दिया गया है तथा जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के स्थान पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का आर्थिक क्षेत्राधिकार एक करोड़ रुपये तक करते हुये देय शुल्क में भी परिवर्तन किया गया है। जिसमें परिवाद/शिकायत का मूल्यांकन हेतु 05 लाख रुपये तक देय शुल्क शून्य, 05 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक 200 रुपये, 10 लाख रुपये से अधिक और 20 लाख रुपये तक 400 रुपये, 20 लाख रुपये से अधिक और 50 लाख रुपये तक 1000 रुपये, 50 लाख रुपये से अधिक और 01 करोड़ रुपये तक 2000 रुपये देय शुल्क में परिवर्तन किया गया है।