प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री  की योजनाओं का लाभ पाने में असमर्थ है गरीब

ग्रामीणों का कहना है पात्र होते हुवे भी हमे नही दिया गया सरकार की तरफ से योजना का लाभ

इस गाँव मे आखिर सरकारी लाभ गरीबो को क्यो नही मिल रहा

यहां तक कि शंकरपुर में महिला को आवास दिए 3 वर्ष हो गए आज तक उसको पूरा पैसा नही मिल सका

महिला का आरोप है प्रधान सिंगरेट्री लेखपाल ने पैसा माँगा यहां तक कि पैसा न दो तो हमे भैष ही दे दो

ग्रामीणों का आरोप नरेगा में काम करने पर पैसा नही देते हमारे जमा पैसे को ही दिखाकर उसी पैसे को निकला देते है

कई ऐसे घर जो कब गिर जाए कोई भरोसा नही आखिर पात्र होने पर उनको सरकारी लाभ क्यो नही दिया गया

गाँव मे ऐसे घर जो तालाब के बगल में पन्नी कुरिया डालकर रहने में मजबूर

सरकारी लाभ के साथ साथ इन गाव में सफाई कर्मी भी सफाई करने नही आता

मामला फतेहपुर के शिवदाशपुर ग्राम सभा मे शंकरपुर में आज uft न्यूज़ की टीम ने जब शिवदाशपुर और शंकरपुर का भृमण किया तो हकीकत पता चला कि आजादी के बाद भी गरीबी जीवन जीने में मजबूर है ग्रामीण न घर है न ही रहने का ठिकाना बताते चले कि इस गाँव मे इन लोगो को सरकारी लाभ नही मिला शिवदाशपुर से छेदी लाल पुत्र श्याम लाल , श्याम लाल पुत्र तेजी,रामरूप पुत्र मोहन,रामू पुत्र रामस्वरूप,शिवाऔतार पुत्र बन्शी लाल ,कलावती
शंकरपुर से प्रहलाद पुत्र सुखाई , घुरे लाल पुत्र सुखई ,छेदी लाल पुत्र रामलखन, धर्मपाल पुत्र भगवानदीन,तीरथ पुत्र ब्रजलाल, इंद्रभान पुत्र छोटेलाल,कबीर दास पुत्र गया प्रशाद , बास देव पुत्र रामदास, रामसूरत पुत्र रामदास , जितेंद्र पुत्र प्रेमदास,छेदी लाल पुत्र जीवराखन ,अम्रत लाल पुत्र छोटेलाल, महेश प्रशाद पुत्र हुबलाल,छेदी लाल पुत्र रामआसरे , कुँवारे पुत्र रतिभान,अनिल तिवारी पुत्र रामसजीवन,जगजीत पुत्र राम सजीवन आदि लोगो को लाभ नही मिल सका

आज इस महामारी में लोगो का जीना दूभर हो रहा है ऊपर से इन लोगो के पास घर न होने की वजह से रहना भी मुश्किल हो रहा है

हमारी टीम जब इनके घर गयी तो देखा कि एक कोठरी में 4,5 बच्चे को पालन पोषण कर रहे है बहुत ही दयनीय इस्थिति है लेकिन ग्राम पंचायत अधिकारी इन गरीबो के ऊपर नजर तक नही फेर रहे है जो कि हमारे देश के प्रधानमंत्री का कहना है कि किसी गरीब का घर कच्चा नही होना चाहिए यहां तक कि घर गिर जाए तो लेखपाल उसको मुवावजा दे लेकिन यहां तक उनके घर का सर्वे तो हुवा नही मुवावजा की बात तो दूर की है आखिर ऐसा क्यों क्या इन गरीबो को सरकारी लाभ नही मिलना चहिये या सरकार इस गाँव को आवास पेंशन रोड आदि योजना के लिए पैसा नही देती या यहाँ के ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी चाहते ही नही या और कोई मामला है ये सोचने की बात है