भाई बहन के पवित्र त्यौहार पर जेल प्रशासन नहीं रहने देना सुनी कलाई

पीलीभीत से अंकित रावत की रिपोर्ट”

करोना महामारी के बड़ते प्रकोप से इस बार जिला जेल प्रशासन ने चलते भाई बहन के पवित्र इस त्योहार पर कड़े कदम उठाया हैं। इस बार बहन अपने भाइयों के हाथों पर राखी नहीं बांध सकेंगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने अलग से इंतजाम किए हैं। बहने अपनी राखी को लिफाफे में रखकर जेल प्रशासन को देगी। 1 अगस्त तक लिफाफे में रखकर राखी जेल के गेट नाम और पता लिखकर जमा कर सकती हैं। रक्षाबंधन वाले दिन जेल प्रशासन लिफाफे को उनके भाइयों को उपलब्ध कराएगा। इसके साथ में स्पीड पोस्ट डाकघर के द्वारा भेजी गई राखी जिला जेल प्रशासन आए हुए लिफाफे बंदियों को उपलब्ध कराएगा। रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने निरुद्ध जेल में बंद भाईयो को राखी बांधने आती हैं। इसी तरह बंदी बहनों से राखी बनवाने वह भी जेल में आते हैं। हर साल रक्षाबंधन पर जेल में होने वाले आयोजन को लेकर जिला जेल प्रशासन पूरी व्यवस्था करता है। रक्षाबंधन त्यौहार के आने से सप्ताह भर पहले ही तैयारियां शुरू हो जाती है।जेल में निरुद्ध बंदी भाई के लिए राखी बांधने वाली बहनों का पंजीयन शुरू हो जाता है। रक्षाबंधन त्यौहार वाले दिन पंजीयन की हुई बहनों को जेल के अंदर प्रवेश दिया जाता है। रक्षाबंधन त्यौहार के 5 दिन शेष रह गए हैं। इससे पूर्व भी पुलिस महानिदेशक कारागार के निर्देशक पर पीलीभीत जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री ने बताया कि आदेशानुसार जारी 3 जुलाई को होने वाले रक्षाबंधन पर्व पर बहने निरुद्ध भाइयों को जेल में बहने राखी नहीं बांध सकेंगी। उन्होंने बताया भाइयों की कलाई सुनी ना रहे जेल प्रशासन ने अलग से नई व्यवस्था की है। 1 अगस्त को बहने बंद लिफाफे में राखी रखकर नाम पता लिखकर शाम 4 बजे तक पहुंचा दे। ये राखी उनके भाईयो को दे दी जाएंगी और स्पीड पोस्ट व डाक द्वारा भी पहुंचाई जा सकती हैं।

सुनी रह जाती एक हजार भाईयो की कलाई जेल प्रशासन व्यवस्था ना करता
जेल अधीक्षक अनु मानव शास्त्री जी ने बताया रक्षाबंधन के पावन त्यौहार पर भाईयो की कलाई सुनी रहे ।सभी बहने अपने लिफाफे जेल गेट पर पहुंचा दे । खाद सामग्री मिठाई इत्यादि जेल में नहीं पहुंचाई जाएगी। करोना काल में संक्रमण के भय से भले ही जेल प्रशासन जेल के अंदर रक्षाबंधन पर्व का आयोजन प्रत्येक वर्ष की तरह नहीं करवा सकता। लेकिन बंदी भाइयों की भावनाओं से प्रशासन खिलवाड़ नहीं करेगा। जेल अधीक्षक अनूप मानव शास्त्री ने बताया जेल में 108 बंदी आस्थाई जेल में निरुद्ध है। व 854 बंदी मंगलवार थे।
नहीं होगी चहल पहल जेल के गेट के बाहर
प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाइयों से मिलने जेल के गेट पर आती हैं ।जिससे गेट पर काफी भीड़ होती थी। वहीं पर्व को लेकर काफी अच्छी व्यवस्था की जाती थी। इस बार करोना महामारी के कारण पर्व का रंग फीका पड़ गया। कई बंदियों की बहन सिर्फ पर्व पर ही आती थी। टूटे हुए रिश्ते इस दिन ताज़ा हो जाते थे। लेकिन करोना के कहर ने इस बार इन रिश्तों पर धूल जमा दी।