सरकारी योजनाओं में हो रही धांधली प्रशासन बना मूकदर्शक

ब्रेकिंग न्यूज बहराइच

रिपोर्ट पारसनाथ तहसील रिपोर्टर

बहराइच
अधिकारियों में नहीं है प्रशासन का कोई डर सरकारी योजनाओं की जमीनी क्रियान्वयन में केवल आंकड़ों का खेल हो रहा है और प्रशासन के जवाबदेह अफसर मूकदर्शक बने बैठे हुए हैं यही वजह ह जिससे आम आदमी को मिलने वाली सरकारी योजनाओं को मिल बांट कर निकला जा रहा है सारा खेल प्रशासनिक तंत्र की मिलीभगत से हो रहा है जिले में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिन से पता चला है कि बगैर प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से कोई कुछ नहीं कर सकता पूरा मामला यूपी के बहराइच के विकासखंड शिवपुर के पिपरिया गांव का है जहां सारा काम सिर्फ कागजों पर कराया जाता है गांव में जब हमारी टीम ने जाकर जमीनी हकीकत देखनी चाहिए तो

लोगों ने बताया कि हमारे गांव में जिस रास्ते से होकर आप लोग आए हुए हैं वह कागजों पर काली बनी हुई है लेकिन यहां हकीकत में कुछ नहीं है गांव में ना तो सड़क है ना ली है लोगों ने यह तक बताया कि प्रधान ने आवास के नाम पर किसी से 10000 तो किसी से ₹20000 लिए हैं और साथ ही आवास में मिलने वाले नरेगा का पैसा भी लोगों को नहीं दिया गया है गांव में सबसे खराब है हालात प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत योजना से बनने वाले शौचालय की है जहां कहीं शौचालय की दीवार खड़ी कर दी गई है तो कहीं गड्ढा ही बना दिया गया है कहीं पर सीट नहीं लगाया गया है तो कहीं पर गड्ढा ही नहीं बनाया गया है अधिकतर शौचालय में खरपतवार टडा रखा हुआ है इस बारे में जब गांव वालों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पिछले साल जब हमारे गांव में कोई अधिकारी जांच करने के लिए आया तो रातों-रात प्रधान द्वारा शौचालय का निर्माण शुरू करवाया गया था लेकिन अधिकारियों के चले जाने के बाद आज तक उनको देखने के लिए कोई नहीं आया है।