कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश में कोई भी शराब-मांस की दुकान नहीं होगी

16.02.2021,बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़*कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश में कोई भी शराब-मांस की दुकान नहीं होगी*सबकी भलाई चाहने वाले सदाचारी शाकाहारी बनाने वाले शराब जैसे बुद्धिनाशक नशा छुड़ाने और गऊ माता को राष्ट्रीय पशु बनाकर गऊ माता की जान बचाने का संकल्प लेने वाले उज्जैन के पूज्य सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 16 फरवरी 2021 को बलोदा बाजार, छत्तीसगढ़ में सत्संग सुनाते हुए बताया कि अच्छा समय आएगा।*देश में गऊ हत्या बंद हो जाएगी, किसी भी पशु-पक्षी की हत्या नहीं होगी*महाराज जी कहा कि देश में गऊ हत्या बंद हो जाएगी। गऊ हत्या ही नहीं किसी भी पशु-पक्षी की हत्या नहीं होगी। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक कोई भी मांस- शराब, अंडा, मछली की दुकान ही नहीं होगी। कोई भी व्यभिचारी, खूनी, कतली होगा ही नहीं। जो देवता नाखुश हैं, सब देने लग जाएंगे। इतना अन्न पैदा होगा जितना पहले नहीं हुआ। मेहनत करने पर भी आपको फायदा नहीं मिल रहा है। सतयुग में एक बार खेत में बोते थे, 27 बार काटते थे। ऐसा ही समय हो जाएगा। एक बार निमित्त मात्र के लिए खेत को जोत करके चले आएंगे। जब जरूरत पड़ेगी, बादल आकर बरस जाएंगे। जरूरत पड़ेगी फिर बरस जाएंगे। लोग काट कर ले आएंगे। अच्छा समय आएगा।*सतयुग का प्रादुर्भाव इस धरती पर होगा*महाराज जी ने बताया कि सतयुग का प्रादुर्भाव इस धरती पर होगा। लिंग पुराण के 40 वें अध्याय में लिखा हुआ है, सूरसागर में लिखा है, जगन्नाथ पूरिया की किताब में लिखा है। गुरु महाराज जी भी बराबर कहते रहे – कलयुग में कलयुग जाएगा और कलयुग में सतयुग आएगा। शास्त्र के आधार पर मैं आपको सिद्ध करके बता सकता हूं। कैसे सतयुग में कलयुग 1000 वर्ष के लिए गया था और कैसे वह आएगा। लेकिन अभी सतसंग में समझाने के लिए समय कम है। लेकिन आएगा, अच्छा समय आ जाएगा। सतयुग योगी सब विज्ञानी।।करि हरि ध्यान तरे भव प्राणी।।*प्रेमियों! लोगों को सदाचारी शाकाहारी बनाओ, नही तो प्रेत योनि में चले जायेंगे, करोड़ो वर्षों तक भटकते रहेंगे*महाराज जी ने कहा कि लेकिन देख कौन पाएगा? जो सतयुग के लायक बन जाएगा, काबिल बन जाएगा। नहीं तो जब कलयुग जाने लगेगा तो कलयुगी प्रेमियों को लेता हुआ जाएगा, रगड़ाई करता हुआ जाएगा, अकाल मृत्यु में मरेंगे, लोग प्रेत योनि में चले जाएंगे, करोड़ों वर्षों तक भटकते रहेंगे। इसलिए खुद भी बचना है, परिवार वालों को भी बचाना है, लोगों को भी बचाना है। मनुष्य ही एक ऐसा है जो परमार्थ, परोपकार कर सकता है। जानवर नहीं कर सकते हैं तो इस परोपकार को भी आप लोग करना। लोगों को शाकाहारी बनाना, सदाचारी बनाना, नशा मुक्त बनाना, धार्मिक भावना लोगों के अंदर भरना – यह भी काम आप अपनी औकात के हिसाब से, समय-परिस्थिति के हिसाब से, प्रेमियों करते रहना और दर्शन देते-लेते रहना।*परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराजआश्रम उज्जैनमध्यप्रदेश भारत*