पीलीभीत का कुछ यूं हुआ मौसम सुहाना पीलीभीत की एक पहचान

पीलीभीत से अंकित रावत की रिपोर्ट
पीलीभीत में हो रही बारिश के बाद जब मौसम खुला तो ये दृश्य देखने को मिला। पीलीभीत एक तराई क्षेत्र माना गया जाता है ।पीलीभीत का मौसम देखने लायक होता है कभी बारिश कभी धूप ये मौसम लोगो के मन को बहुत लुभाता है। पीलीभीत जिला को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया है । यह भारत में स्थित 41 टाइगर रिजर्व में से एक है। पीलीभीत क्षेत्र कुल 800 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। इस रिजर्व में कुल 36 टाइगर है। और उनके रहने के लिए एक अच्छा सा बेस है । यह जगह शारदा नदी और घाघरा नदी से घिरी हुई है ।इस शहर को लोग इसकी सुंदरता के नाम से जानते है। पीलीभीत में बांसुरी का काम बहुत पुराना है । इसकी एक अलग ही पहचान है। जो हर कोई जानता है । पीलीभीत में बहुत ही प्राचीन मंदिर बाबा गौरी शंकर का मंदिर जो 250 वर्ष पुराना है यह देवहा और खकरा नदी के तट पर स्थित है। माता यशवंतरी देवी का मंदिर । छठवी पादशाही गुरुद्वारा जो 400 वर्षीय पुराना है। मुगल काल में कई बड़ी इमारतों का निर्माण किया गया था। दिल्ली में स्थित जामा मस्जिद की एक प्राकृतिक कॉपी यहां भी है। शाहजी बाबा की दरगाह है । जहा बहुत ही दूर दूर से लोग आते है । ये शहर एक पर्यटक स्थल है। पीलीभीत से होते हुए लोग माता पूर्णागिरि के दर्शन के लिए होते हुए जाते है । ये है पीलीभीत जिले की पहचान ये शहर एक शांत पूर्ण शहर है।