खराब समय से बचने के लिये शाकाहारी-सदाचारी, नशामुक्त रहकर नाम ध्वनि बोले-बाबा उमाकान्त जी महाराज

जयगुरुदेवप्रेस नोट-15.93.2021,रामपुर, उत्तर प्रदेश*खराब समय से बचने के लिये शाकाहारी-सदाचारी, नशामुक्त रहकर नाम ध्वनि बोले-बाबा उमाकान्त जी महाराज*विश्व विख्यात परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज जी के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी उज्जैन से पधारे वर्तमान के पूरे सन्त सत गुरु बाबा उमाकान्त जी महाराज जी ने 15 मार्च 2021 को रामपुर में सतसंग सुनाते हुए बताया कि प्रेमियों आप सुबह शाम जय गुरु देव नाम की ध्वनि बोलना शुरू कर दीजिए परिवार के लोगों को सबको इकट्ठा करो और सुमिरन-ध्यान-भजन कराओ एक घंटा सुबह-शाम नाम ध्वनि बोलवाना शुरू कर दो घर वालों को सब को शाकाहारी बनाओ।*देवता कुबूल नही करते आपकी पूजा* आप देखो कितना लोग पूजा पाठ करते हैं कितना ग्रंथ का पाठ करते इतना तीर्थों में जाते हैं। हवन यज्ञ कर रहे है लेकिन तकलीफ नहीं जा रही कष्ट नहीं जा रहा है, कारण क्या है, कितना प्रार्थना लोग करते रहते हैं। जाप करते रहते हैं। पूजा इबादत कबूल नहीं हो रही क्यों जहां से करते हैं फूल पत्ती प्रसाद चढ़ाते हैं दान पुन करते हैं। हाथ गंदा है,नजरें ही गंदी हैं।*जिससे आप पूजा इबादत करते हैं वो जगह आपने गंदा कर लिया* महाराज जी बताया कि मान लो मूर्ति भगवान है श्रद्धा के वश प्रेम वश आप उनको मानते हो भगवान के बनाए हुए तो नहीं है।आदमी के ही बनाए हुए हैं।जिनको आप भगवान मानते हो उनको देखते हो तो नजरें ही खराब हैं आप समझो मुह से जो आवाज़ निकलती है अंदर से जो प्रार्थना के लिए आवाज निकलती है।शरीर के अंदर से क्योंकि मुर्दा मांस इस मानव शरीर के अंदर डाल दिया।मानव मंदिर के अंदर जो इंसानी मस्जिद है जिसको गुरुद्वारा कहां गया जिसमें वह बुला रहा है,प्रभु। घट में घर दिख ला दे।।सो सतगुरु परम सुजान।। महाराज जी कहा घट में घर यानी शरीर मे ही अपना सतलोक सचखंड दिखाई देता है। उसी को गंदा कर लिया। गंदी जगह से पूजा-पाठ करोगे तो कैसे कबूल करेगा।*मानव मंदिर को पाक-साफ रखो*महाराज जी बताया कि इंसान मिट्टी और पत्थर का मंदिर बनाते हो,मस्जिद और गुरुद्वारा बनाते हो उसमें अगर गंदी चीज कोई लाकर डाल दे,तो पूजा-पाठ करोगे। नमाज अदा करोगे कहोगे जगह गंदी हो गई। सफ़ाई करना पड़ेगा।ऐसे मानव मंदिर को साफ-सुथरा रखो पाक-साफ रखो।*जीव हत्या बहुत बड़ा पाप*महाराज जी ने कहा कि जहां से नाम ध्वनि बोलो उस घर में जीव हत्या किया हुआ मांस ऐसी कोई चीज आना नहीं चाहिए। घर के अंदर उस मालिक की रूह बैठी जीवात्मा है। जीवों को कष्ट देना बहुत बड़ा पाप है। हिंसा-हत्या बहुत बड़ा पाप बताया गया है उसको आप बचाओ और उस जगह को भी बचाओ जहां पर आप नाम ध्वनि बोलो नाम कैसे कैसे बोलोगे। *जयगुरुदेव जयगुरुदेव जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव* परम सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज, आश्रम उज्जैन।। मध्य प्रदेश भारत।।