बॉर्डर पर संघर्ष के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी गई
भारतीय किसान मजदूर सभा की ओर से कई गांव में रैली भी निकाली गई
………

(मोहम्मद आरिफ सिद्दीकी)

……….
प्रयागराज।
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आवाह्न पर अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा जिला इकाई प्रयागराज के नेतृत्व में दिल्ली बार्डर पर खेती के तीन नए कानून व बिजली बिल 2020 के विरूद्ध प्रदर्शन कर रहे 38 शहीद किसानो की शोक सभा जसरा, बसवार, रेही, कुल्हड़ियां,जारी,गन्ने,ओसा में आयोजित कर रैली निकाली।
सभाओं का प्रारम्भ शहीद किसानो के सम्मान में श्रद्धांजलि अर्पित कर नारे लगाकर किया- आंदोलन रत शहीद किसान अमर रहे, शहीद किसानो को लाल सलाम, खेती के तीन नए कानून रद्द करो,बिजली बिल 2020 रद्द करो, 24जून 2019 का बोट पर लगी रोक वापिस लो, आंदोलन में किसानो पर दर्ज सभी केस वापिस लो, कारपोरेट पक्षधर नीतियां रद्द करो, गरीबों को खेती- आवास के पट्टे दो, सभी गरीबों को आवास दो आदि।
सभा के दौरान वक्ताओं ने कहा खेती के तीन नए कानून खेती व मण्डियो मे कारपोरेट का कब्जा कराकर किसानों व व्यापारियों को बर्बाद कर देगी।
ठेका खेती किसानो को कर्ज में फसाकर किसानो की जमीन नीलाम कर भूमिहीन बना देगी।
नया आवश्यक वस्तु कानून भंडारण की खुली छूट देकर कालाबाजारी को और खाना महंगा करने की छूट देगा।
सरकार खेती के तीन नए कानून वापिस लेने के बजाए किसानों के आंदोलन को विपक्षी दलों से जुड़ा हुआ बता रही है और निराधार तर्क देकर कह रही है कि वह समस्या हल कर चुकी है। जो कुछ भी सरकार कह रही है, किसानों की जमीन नाचने और एमएसपी जारी रहने के बारे में, उसका लिखित कानून उसके खिलाफ लिखता है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने नदी में नाव द्वारा खनन का काम रोक कर लाखों खदान मजदूरों को बेरोजगार कर दिया है जिसके खिलाफ पूरे घाटी में भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है और मजदूरों व अन्य लोगों में गुस्सा व्याप्त है।
इस मौके पर हीरालाल,राजकुमार,सुरेश निषाद,विनोद निषाद,रामू,करन, चौधरी बिंद,धर्मेंद्र शर्मा,रोहित,रामपाल, सुरेन्द्र पटेल,रामतीरथ पटेल,राधिका पटेल,मुन्ना लाल,दीनबंधु,हरिश्चंद्र,मलती बिंद, शान्ती देवी,वंदना आदि ने विचार व्यक्त किए।