You are currently viewing भारत देश में पूरे सन्त मौजूद,जो मुक्ति-मोक्ष का रास्ता नामदान लुटा रहे और विदेशों के लोग उठा रहे फ़ायदा

जय गुरु देव

25.08.2021
प्रेस नोट
झुंझुनूं, राजस्थान

भारत देश में पूरे सन्त मौजूद,जो मुक्ति-मोक्ष का रास्ता नामदान लुटा रहे और विदेशों के लोग उठा रहे फ़ायदा

दिया तले अंधेरा वाली कहावत हो रही चरितार्थ

आत्मिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के उपाय बताने वाले, जीते जी मुक्ति-मोक्ष देने का रास्ता नामदान देने वाले समय के पूरे सन्त सतगुरु उज्जैन वाले बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 17 अगस्त 2021 को झुंझुनूं राजस्थान में संदेश देते हुए बताया कि आप यदि वैद्य से पूछो कि कब भोजन करना चाहिए तो कहते हैं कि दाहिने नाक का स्वास चले तब। बहुत सारे संयम और नियम पहले लोग जानते थे। अब न सत्संग सुनते हैं और जानकारों का सतसंग नहीं मिलने से उसी तरह का जीवन हो गया जैसे पशु और पक्षियों का – खाओ, बच्चा पैदा करो और दुनिया संसार से चले जाओ। ऐसा काम करने में लोग लग गए हैं। गलती किसी की नहीं है। जैसा समाज-परिवार के लोग होते हैं, देश होता है उसी हिसाब से आदमी चलता है। जब समझ में आ जाता है तब बदल जाता है।

विदेश से भी लोग यहां आकर नामदान लेकर जाते हैं

विदेशों के लोग यहां आते हैं, नामदान लेकर जाते हैं। जो भाषा भी नहीं समझते हैं, हिंदी भी नहीं बोल पाते हैं, जब उनको समझ आ गया तो नामदान लेकर के गए। अब तो ज्ञाता हो गए, विद्वान-जानकार हो गए अब तो वह उपदेश करने लग गए। आप समझो गलती किसी की नहीं है। लेकिन जान करके गलती करोगे, होशियारी न लाओ तो गलती मानी जाएगी।

आप नामदान लो और दक्षिणा में अपनी बुराइयां दे दो

महाराज जी ने नाम दान की महिमा बताते हुए कहा कि नामदान वह दान है जिसकी कोई कीमत लगाई नहीं जा सकती। जिसको पहले के संत लोग दूसरे जन्म में देते थे, पहले जन्म में गुरु भक्ति कराते थे, दूसरे जन्म में नाम देते थे वह आप पहली बार आए हो आपको बता दिया जा रहा है। पहले तो लोटा धोती लंगोटी अनाज तमाम तरह के दक्षिणा लेते थे। अंगूठा तक का दक्षिणा मांग लिया। लेकिन आपसे तो कोई दक्षिणा मांगी नहीं जा रही, न आपका कोई घर, बाल-बच्चे छुड़ाये जा रहे, न कंठी न कोई छाप लगाया जा रहा है। अब यह जरूर है कि आप दक्षिणा देना चाहते हो, नामदान दीक्षा मंत्र लेते समय जो दक्षिणा देने की मर्यादा रखना चाहते हो तो दे दो, मौका है। आपको लेकिन देना क्या है? आप अपनी बुराइयों को यहीं छोड़ जाओ, बुरे काम मत करना- यही है दक्षिणा। देखो मांस-मछली-अंडा-शराब या शराब जैसा नशे का सेवन कुछ भी मत करना। बाकी आपको छूट है। हजम कर सको तो 100 गिलास रोज दूध पी लो, 2 किलो घी रोज खाओ। शाकाहारी फल फ्रूट सब खा सकते हो, पूरी छूट। है तो अच्छा खाओ, है तो अच्छा मकान में रहो। छीन करके, चोरी करके किसी का दिल दुखा कर नहीं लाना है। मेहनत ईमानदारी की कमाई करके जैसे चाहो वैसे रह सकते हो। दूसरी औरत के साथ बुरा कर्म मत करना। दूसरे पुरुष के साथ बच्चियों बुरा कर्म मत करना। बाकी आपको छूट है। हम जात-धर्म-घर कुछ नहीं छुड़ा रहे। हमारे यहां तो कोई जाति-पाति नहीं। हमारे यहां तो बस एक ही जाति है मानव जाति। हम तो सब से प्रेम करते हैं, सबको अपना मानते हैं।

जय गुरुदेव नाम की ध्वनि बोलना

जिनके जिनके घर में तकलीफ रहती है, आप बच्चियों शुरू कर दो। एक घंटा सुबह और एक घंटा शाम को जयगुरुदेव नाम की ध्वनि बोलवाओ। बोलना कैसे है यह भी बता दें..
जयगुरुदेव जयगुरुदेव जयगुरुदेव जय जयगुरुदेव इसी तरह से बोलना रहेगा। परिवार के लोग, अन्य लोगों को भी बैठाना और जब बैठने लग जाएंगे तब उनका मन लग जाएगा, मन साफ हो जाएगा उनका और तकलीफों में जब आराम मिलेगा तब विश्वास हो जाएगा।

जैसा बताया जाए, वैसे करोगे तो जल्दी और ज्यादा फायदा मिलेगा

और आप लोगों को जो नाम बताऊंगा, नामदान दूंगा, उस हिसाब से आप करना। जैसा भजन-ध्यान लगाने को बताऊंगा, वैसे करना तो आप लोगों को और ज्यादा फायदा होगा, और ज्यादा देखने सुनने को आपको मिलेंगे। आपके शरीर में आपके बोली बानी में, आपकी दृष्टि में उससे ताकत आ जायेगी।