बेरोजगार बीटीसी विद्यार्थियों ने सौंपा जिलाधिकारी को ज्ञापन

कौशाम्बी/मंझनपुर

संयुक्त मोर्चा संघ के बैनर तले कार्यक्रम सम्पन हुवा
संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनन्त प्रताप सिंह ने बताया कि अगर सरकार सविंदा एवम विनियमितीकरण नियमावली लागू करती है तो इस नीति से युवाओं का मानशिक शारीरिक आर्थिक रुप से शोषण होगा
विषय:- उत्तर प्रदेश कार्मिक विभाग द्वारा प्रस्तावित “सरकारी विभाग समूह ख एवं ग वर्ग के पदों पर नियुक्ति (संविदा पर) एवं विनियमितीकरण नियमावली 2020 के प्रस्ताव को मंजूर ना किए जाने का निवेदन l

महोदय,
सविनय निवेदन है इस प्रकार की दिनांक 13/09/2020 को समाचार पत्रों के माध्यम से प्राप्त हुई सूचना प्रदेश सरकार “सरकारी विभाग” समूह ख एवं ग के पदों पर नियुक्ति संविदा पर एवं विनियमितीकरण नियमावली 2020 को लाने के विचार में है… आपके समक्ष इस विषय में निवेदन प्रस्तुत है ——-
👉🏻 समाचार पत्रों की सूचना के अनुसार या नियमावली पूर्व में गतिमान भर्तियों पर लागू होगी आपसे निवेदन है कि पिछले 4 वर्षों से भी अधिक समय में अनेक भर्तियों के परिणाम लंबित हैं उनके परिणाम आने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है और यदि परिणाम आ भी जाते हैं उसके बाद भी संविदा पर नियुक्ति और संविदा आधारित मानदेय प्रतियोगी अभ्यर्थी की उन तमाम आशाओं पर कलंक साबित होगा l जिसे उसने अपने लिए, अपने परिवार के लिए, अपने प्रदेश के लिए, अपने देश के लिए देखा है l
👉🏻 समाचार पत्रों की सूचना के अनुसार यह नियमावली पूर्व में गतिमान भर्तियों पर लागू होगी सूचना के अनुसार नैतिकता देश भक्ति कर्तव्य परायणता जांचने की पहले से ही कई नियम विद्यमान है ऐसे में नए नियम प्रतियोगी अभ्यर्थियों के लिए विश्व का कार्य करेंगे l
👉🏻 5 वर्षीय संविदा अवधि भ्रष्टाचार और उगाही को प्रेरित करेगी l वहीं दूसरी ओर संविदा कर्मी को स्वतंत्र रूप से कार्य करने में भी बाधा उत्पन्न करेगी l
👉🏻 भर्ती परीक्षा का उद्देश्य ही योग्य का चयन होता है ऐसे में एक बार योग्य चयनित व्यक्ति को 5 वर्ष तक बार-बार योग्यता सिद्ध करनी होगी और उसके बाद ही उसे स्थाई कर दिया जाएगा लेकिन इसकी क्या गारंटी होगी कि 5 वर्ष के अवधि के बाद वह योग बना रहेगा ऐसे तो यह अनंत काल तक योग्यता परीक्षण की प्रक्रिया बनकर रह जाएगी जिससे प्रदेश का संपूर्ण ढांचा अस्त-व्यस्त हो जाएगा l
आत : महोदय आपसे निवेदन है कि इस तरह के किसी भी नियमावली के प्रस्ताव को कैबिनेट के द्वारा मंजूरी ना दी जाए जहां एक ओर यह भ्रष्टाचार और शोषण को बढ़ावा देगा वहीं दूसरी ओर प्रतियोगी अभ्यर्थियों को अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने पर विवश होना पड़ेगा l मुख्य रूप से उपस्थित बेरोजगार विद्यार्थी
गौरव सिंह, प्रभास सिंह,पवन वर्मा,सत्यजीत सिंह, शुभम सिंह,पवन सिंह, सुधाकार सिंह,जैलेश सिंह,लालमन भारतीय,रंजीत सिंह,आदि लोग मैजूद रहे।