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उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा के शिक्षक आंदोलन के राह पर
लंबे समय से सरकार के द्वारा उपेक्षित महसूस कर रहे उच्च शिक्षा के शिक्षक अब आंदोलन करने के लिए विवश हो गए हैं। नागरिक स्नातकोत्तर महाविद्यालय जंघई जौनपुर में हिंदी विभाग में विभाधायक्ष और उ प्र विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ गंगेश दीक्षित ने बताया कि सरकार अपने तो पुराना पेंशन ले रही है और हम लोगों को जबरदस्ती नया पेंशन स्कीम थोप रही है। प्रोफेसर पद नाम आश्वासन देकर भी नही दे रही है।माध्यमिक शिक्षकों की भांति उच्च शिक्षा में भी स्थानांतरण की प्रक्रिया लागू किया जाए।आमेलन से वंचित मानदेय शिक्षको का आमेलन किया जाया । जिन मानदेय शिक्षको का आमेलन हो चुका है उनको यू जी सी नियमावली के आधार पर कैरियर एडवांसमेंट योजना का लाभ दिया जाय। शिक्षकों के प्रमोशन की विसंगतियों को दूर किया जाय। सेवानिवृत्ति की उम्र केंद्र और अन्य कुछ राज्यो की भांति 65 साल किया जाय। पी एच डी धारी शिक्षको को केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षकों की भांति 5 वेतन वृद्धि का लाभ दिया जाय। पुस्तकालयाध्यक्षों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाय। नई शिक्षा नीति को भी टाला जाय। इन सभी मांगों को लेकर उच्च शिक्षा के सभी शिक्षक 5अक्टूबर को अपने विश्वविद्यालय पर धरना देंगे। अगर उसके बाद भी सरकार को नही समझ में आता है तो हम सभी शिक्षक अपने प्रदेश संगठन के नेतृत्व में लखनऊ की सड़कों पर उतरेंगे जिसकी जिम्मेदारी खुद सरकार की होगी। पिछले लगभग साढ़े चार साल से शिक्षको को बेवकूफ बना रही सरकार के अब चुनाव में जाने का समय आ गया है। अगर हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हम भी सरकार को अपनी ताकत का एहसास करा देंगे। जय शिक्षक जय शिक्षक संघ।