चीन सीमा पर शहीद हुए जवानों को वैश्य समाज ने श्रांद्धांजलीं अर्पित किए

सुमलेश कुमार यादव संवाददाता

सहरसा भारत चीन सीमा पर शहीद हुए वीर सैनिकों की शाहदात पर आज वैश्य समाज सहरसा के द्वारा शहर के शहीद चौक पर दो मिनट मौन रखते हुए मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दिया गया ।
श्रदांजलि देते हुए वैश्य समाज सहरसा के जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद साह ने कहा कि गर्व, शोक और संवेदना की इस घड़ी में बिहार सहित पुरा देश बलिदानी जवानों के परिवार के साथ सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि चीन की ये हरकत असहनीय है। वैश्य समाज के कार्वियकारी जिलाध्यक्ष देवेन्द्र कुमार देव ने कहा कि विवादों को बातचीत से सुलझाया जाता है न कि गोलियों से! भारत अपने सैनिकों की शहादत को कभी बेकार नहीं जाने देगा। भारत सरकार एक-एक जान का बदला लेंगे और अपनी जमीन भी छीनकर रहेंगी ऐसा विश्वास सरकार से है। वैश्य समाज के जिला प्रवक्ता राजीव रंजन साह ने कहा कि भारतीय शूरवीर जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उनके बलिदान से प्रेरित सम्पूर्ण राष्ट्र चीन के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा है। इस सैनिक संघर्ष में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हुए हैं, जिसमें तीन बिहार के हैं।


समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर सुल्तानपुर के अमन सिंह जी, भोजपुर जिले के बिहियां के कुंदन ओझा जी, सहरसा जिले के सत्तरकटेया के आरण के कुंदन यादव जी ने अपनी मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है।


सबको भारत की बेमिसाल सेना पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। पीठ पर वार करने वाले चीन को इस कायरतापूर्ण कुकृत्य का करारा जवाब अवश्य मिलेगा।
वैश्य समाज के राजकुमार गुप्ता , जयप्रकाश दास , वार्ड पार्षद संतोष मुगेंरी , रतन गुप्ता ,उपाध्यक्ष शशि सोनी ,महामंत्री शशि भुषण गांधी , बालेश्वर भगत , कुश मोदी , जयप्रकाश गुप्ता नवीन ठाकुर , पवन ठाकुर , शिवशंकर ठाकुर ,प्रेम मुकंद गुप्ता रूपेश कुमार, ओमप्रकाश गुप्ता , आदि ने कहा कि
लगभग 5 लाख करोड़ का व्यापार है भारत मे चीन का,
एक आम भारतीय अगर ठान ले तो बिना बॉर्डर पे जाए चीन के अधिकतर लघु और कुटीर उधोगों की कमर तोड़ सकता है।ये 2020 वाले नए भारत का दौर है,
जो छेड़ता है उसे छोड़ता नही!!