मस्जिद के लाउडस्पीकर के विरोध में उठी आवाज, बजरंग दल के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को दिया शिकायती पत्र

मस्जिद के लाउडस्पीकर के विरोध में उठी आवाज, बजरंग दल के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को दिया शिकायती पत्र- साम्प्रदायिक मामला बता प्रशासन कार्यवाही से काट रहा कन्नी– सुप्रीम कोर्ट सहित शासन ने भी तेज धन वाले विस्तारक यंत्रों पर रोक के किये हैं आदेश जारीगोण्डा। लगभग पूरे दिन नमाज के नाम पर मस्जिदों से मचाये जा रहे शोर पर लोगों ने आपत्ति जताना आरम्भ कर दिया है। आम जनता से जुडे इस गम्भीर समस्या पर बजरंग दल के प्रदेश सह संयोजक महेश तिवारी वा जिला सहसंयोजक रघुराज सोनकर सहित अन्य कार्यकर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर इस पर रोक लगाने की मांग की है । जिलाधिकारी द्वारा उपरोक्त प्रकरण को क्षेत्राधिकारी सदर को इस पर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए भेजा है । वहीं इस मामले को संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा साम्प्रदायिक बता कार्यवाही करने से बचना चाह रहे हैं । जबकि उपरोक्त विषय पर सुप्रीम कोर्ट से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार योगी सरकार ने विगत वर्षों में कार्यवाही का आदेश जारी कर रखा है। हालाकि प्रस्तुत मामले पर पुलिस विभाग जांच की बात कह रहा है।मामला जिले के कोतवाली देहात के सालपुर पुलिस चौकी क्षेत्र अंतर्गत सिकलीपुरवा व टिकरिया गांव के मस्जिदों से संबंधित है जिस पर लगे लाउडस्पीकरों से पूरे दिन मचाये जा रहे शोर से आजिज आकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर इस पर रोक लगाने की मांग करते हुए शिकायत कर्ताओं द्वारा कहा है कि क्षेत्र की मस्जिदों पर अत्यंत ही तेज स्वर वाले लाउडस्पीकर लगाये गये है जिनके द्वारा पूरे दिन तेज शोर मचाया जाता है जिसके कारण बच्चों, बुजूर्गो विद्यार्थियों सहित जानवरों को अत्यंत परेशानी का सामना करना पडता है। तेज आवाज के चलते सो रहे बच्चे अचानक चौंक कर उठ जाते है। विद्यार्थियों की परीक्षायें आरम्भ होने वाली हेेै इनकी वजह से बच्चे अपनी पढाई नही कर पा रहे है।शिकायती पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट सहित प्रदेश सरकार ने भी अपने दिशा निर्देश जारी किये है परन्तु उनका पालन प्रशासन नही करा रहा है जिसके कारण लोगों की परेशानी निरंतर बढती जा रही हैं। शिकायती पत्र में लोगों के शातिं पूर्वक जीवन यापन के उनके मूल अधिकारो का हनन हो रहा है इसका भी उल्लेख किया गया है। शिकायत कर्ताओं द्वारा जिलाधिकारी से इस जन विरोधी कार्य में लिप्त लोगों के विरूद्व कडी कार्यवाही करने के साथ ही तुरंत इस पर रोक लगाने की भी मांग की गयी है।इस मामले पर जब पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर से बात की गयी तो उन्होनेें शिकातय प्राप्त होने की बात स्वीकारते हुए कहा कि मामले की जानकारी है जांच करायी जायेगी। लेकिन सूत्रों से मिल रही जानकारी की बात की जाये तो जिम्मेदार अधिकारी इस मामले को साम्प्रादयिक बता कर अपना पल्ला झाडना ही चाहते है। वहीं संभव है कि मामले केा ठडे बस्ते में डाल दिया जाये और कोई कार्यवाही न हो।