भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे डीपीआरओ पर कब होगी कार्रवाई

कौशाम्बी। स्वच्छ भारत मिशन योजना के तहत जागरूकता फैलाने को लेकर प्रचार मद में अनियमित तरीके से धनराशि खर्च करने शौचालयों का निर्माण बिना पूर्ण  के बाद भी प्रोत्साहन राशि निकाल लेने सोलर लाइट लगवाने गो आश्रय स्थलों के निर्माण को वित्तीय स्वीकृति न देने भ्रष्टाचार के मामलों की पत्रावली को जांच में लटका कर भ्रष्टाचारियों से वसूली सहित अन्य तमाम अनियमितताओं के आरोप में जिला पंचायत राज अधिकारी घिरे है लेकिन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर से सत्ता दल के माननीयों ने भी मुह मोड़ लिया है।

लाभार्थियों के नाम पर ग्राम पंचायतों के सहयोग से शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि निकाल लिए जाने सहित तमाम आरोप हैं जिले को झूठे तरीके से खुले में शौच मुक्त घोषित करने सहित पुराने शौचालय भवन को रंग रोगन कर नए शौचालय भवन की सूची में शामिल कर धन निकाले जाने सहित तमाम आरोप शामिल हैं सैकड़ो गांव की शिकायत जांच में लटकाए रक्खा गया है जिससे भ्रष्टाचार में लिप्त लोगो पर कार्यवाही नही हो सकी है।

ग्राम पंचायत के प्रधानों एवं सचिवों पर दबाव बनाकर ग्राम पंचायत से धनदोहन किया गया है ग्राम पंचायत से अवैध रूप से धनराशि एकत्र करने सहित तमाम गम्भीर आरोप है लेकिन योगी सरकार ने इधर ध्यान नही दिया है।