FATEHPUR- आखिरकार किसानों को कब मिलेगा धान का सरकारी रेट

असोथर फतेहपुर

आखिरकार किसानों को कब मिलेगा धान का सरकारी रेट

धान खरीद से मिल मालिकों के मैदान भरे अधिकांश ब्यापारियों का धान मिलों में पड़ा है जिसको ब्यापारी मिलों में तौल कराकर मिलर्सों को बारह से पन्द्रह किलो प्रति कुंतल की कटौती व पन्द्रह रुपए प्रति क्विंटल की पल्लेदारी व केंद्र प्रभारी के नाम का सौ रूपये प्रति कुंतल मिलर्स ले रहे हैं। इसके बाद अपने सेटिंग वाले केन्द्र प्रभारियों से सीधे धान खरीद दिखा रहे हैं। जब कि मंसूरी धान है और मानक के अनुरूप भी है। और मिलर्स भी आढ़ती बन बारह रुपए नकद व सोलह सौ रूपये कागज में दो माह बाद नमी के नाम पर दस से पंद्रह किलो प्रति कुंतल कटौती करने के बाद सोलह सौ रूपये प्रति कुंतल वाला धान चौदह सौ रूपये प्रति कुंतल का रेट पड़ता है। गेहूं बुवाई जुताई खाद का समय होने व अन्य खर्चों की आवश्यकता के कारण किसान औने पौने दाम में धान बेचने को मजबूर हैं। अधिकांश क्रय केंद्रों में ज्यादा तर बिचौलिए हावी है जिससे किसानों को केंद्रों में धान डालने तक की जगह नहीं है जिन किसानों का धान क्रय केन्द्रों में महीनों से पड़ा है लेकिन किसान जब केंद्र प्रभारियों से तौल कराने के लिए कहते हैं तो केन्द्र प्रभारी कहते हैं मिलर्स बोरियां नहीं दे रहे हैं कैसे तौल करायें अपनी बोरियां लगाकर तौल करा लो । अधिकांश किसान कहते हैं कि हमारे पास बोरियां नहीं है बोरियां तो ब्यापारी ही लगा सकता है। किसानों के शिक़ायत करने के बावजूद भी अधिकारी अनजान बने हुए हैं। जिससे मिलर्स व केंद्र प्रभारी मालामाल हो रहे हैं वहीं किसानों का बुरा हाल हो रहा है किसान दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर। आखिर कौन सुनेगा किसानों की बात।

संवाददाता महेश कुमार
UFT NEWS असोथर फतेहपुर