शराब और मांस भृष्टाचार की जननी है ये देश मे तुरंत बंद कर देना चाहिये-बाबा उमाकान्त जी महाराज

05.02.2021,जलगांव, (महाराष्ट्र)**शराब और मांस भृष्टाचार की जननी है ये देश मे तुरंत बंद कर देना चाहिये-बाबा उमाकान्त जी महाराज*विश्व विख्यात परम सन्त बाबा जय गुरु देव जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी उज्जैन से पधारे वर्तमान के पूरे सन्त सतगुरु बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 5 फ़रवरी 2021 को जलगांव, महाराष्ट्र से देश और दुनिया के लोगों को संदेश देते हुए बताया कि लोगों को गुस्सा क्यों आता है, क्रोध क्यों आता है? कहते हैं लोगों का ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। कोई गरिष्ठ चीज खालो तो गैस बनती है और जब मांस कोई खाता है तब खून में और ज्यादा गर्मी आती है।*शराब और मांस खाने से खून में गर्मी आ जाती है इसलिये मांसाहारियों को क्रोध ज्यादा आता है*महाराज जी ने कहा उदाहरण के तौर पर मैं बताऊं- एक कमरे में 4 बैल बंद कर दो और चारा डाल दो। आराम से खाएंगे और सुबह दरवाजा खोलो, आराम से निकल जाएंगे। 1 कमरे में 4 कुत्ता बंद कर दो, रोटी डाल दो। रोटी खाएंगे और रात भर झोन झौ-झौ, भौ-भौ करते रहेंगे। सुबह दरवाजा जब खोलोगे तो किसी का कान कटा हुआ, किसी की पूंछ कटी हुई, किसी के पैर से खून बहता हुआ दिखाई पड़ेगा। क्यों? मांसाहारी हैं। क्रोध ज्यादा आता है।*खून, क़त्ल, मारकाट, बलात्कार, तलाक के मुक़दमे – इन सबकी वज़ह है मांसाहार और शराब*महाराज जी ने कहा कि ये खून, कत्ल, मारकाट दहेज, तलाक के मुकदमों का क्या कारण है? यह मांसाहार और शराब। अगर देश में शराब बंद कर दिया जाए, मांसाहार अगर देश में बंद कर दिया जाए तो 50% अपराध और भ्रष्टाचार देश में खत्म हो जाए।*पांच साल में एक मिनट-आधा मिनट का पावर आपको,अपना अधिकार, बटन दबाने का मिलता है*आप सब लोगों को मिलकर के इस चीज को खत्म करने की जरूरत है। पावर तो आपके हाथ में नहीं है। पॉवर आपको 5 साल में एक मिनट-आधा मिनट के लिए मिलता है जब आपको बटन दबाना रहता है, जब वोट देना रहता है। अब उस समय आप देख नहीं पाते हो कि कौन शाकाहारी है? कौन मांसाहारी है? कौन जीवों पर दया करेगा? कौन हत्या बढ़ाएगा? कौन गऊ माता की जान बचाएगा? कौन गऊ माता का मांस खाने वाला है? उस समय पर आप इस चीज को भूल जाते हो। आप अपने अधिकार को 5 साल में एक बार पाते हो लेकिन जो अधिकार प्रकृति ने आपको दे रखा है उस अधिकार का प्रयोग आप हमेशा कर सकते हो। क्या अधिकार है? आप इनको सुधारो, आप इनको रास्ता बताओ। आप समझो जो अज्ञानी हैं उनके अंदर ज्ञान पैदा करो। उनको समझाओ और बताओ।*जानवरों को जो मारता है, खाता है, लाता है, बनाता है, पकाता है, सबको बराबर पाप लगता हैं*महाराज जी ने कहा कि शाकाहार के बारे में आप समझा सकते हो कि जीव हत्या पाप है। जो जानवरों को मारता है, काटता है, लाता है, बनाता है, खाता है, खिलाता है – सबको पाप लगता है। पाप की सजा मिलती है। पाप की सजा से कोई बच नहीं सकता है। आप समझा सकते हो बता सकते हो। अगर आपके बच्चे मांसाहारी हो रहे हैं, अंडा, मछली खा रहे हैं। परमात्मा के यह जीव हैं। सब बच्चे हैं। इनको आप लोग सताते रहे, काटते रहे, खाते रहे।अगर कोई चीज आप बना नहीं सकते हैं। तो इनको मारने का कोई हक नही आपको। इनको मारने कि सजा तो मिलनी ही मिलनी है।*अभी तो आप आज़ाद हो, कर्म करने के लिये, लेकिन एक दिन यमराज के दरबार में हिसाब देना पड़ेगा*महाराज जी ने कहा कि अभी तो उसने आपको आजाद कर रखा है। अच्छा करो, बुरा करो, पैर से अच्छे काम के लिए जाओ, बुरे काम के लिए जाओ, आँख से अच्छा देखो-बुरा देखो, कान से अच्छा सुनो-बुरा सुनो, मुँह से अच्छा बोलो-बुरा बोलो – आपको उसने अभी तो आजाद कर रखा है। लेकिन एक समय ऐसा आएगा जब आप सबको उसके सामने न्याय के लिए जाना पड़ेगा। तब तो आप फंस जाओगे। आप जब देखते हो कि मेरा बच्चा बहुत प्यारा है, मैं बहुत प्यार करता हूं लेकिन जब बीमार हो जाता है, उसको तकलीफ होती है तो आपको कितना कष्ट होता है। जब तड़पते हुये अपने बच्चे को देखते हो तो कितना आपको कष्ट होता है। जब सजा मिलेगी उसको तब क्या होगा तो सजा क्यों मिले? पहले ही समझा लो। *कोरोना रोग में करोड़ों लोग चले गए दुनिया-संसार से*महाराज जी ने बताया बहुत से लोगों को यह रहता है कि हमारे पास पैसा है तो हम इलाज करा लेंगे। लेकिन आप देखो, पहले कोरोना रोग जब आया, इलाज भी नहीं उसका, डॉक्टर खोज नहीं पाए। डॉक्टर भी उस मर्ज में शरीर छोड़ने लग गए। अब कैसे बच्चे को बचाओगे? कैसे किसी को बचाओगे? कितना गहन रिश्ता- जीवन भर साथ देने का, हाथ मिलाकर शादी करके लेकर आए थे, जीवन साथी बनाकर कि जीवन भर साथ निभाएंगे। लेकिन पति, पत्नी का साथ नही दे पाया। ना पत्नी, पति का साथ दे पायी। कहते हैं जब सबकी दाढ़ी में आग लगती है तो सब अपनी-अपनी बुझाते हैं, कोई दूसरे की नहीं बुझाता है।*पहले ही कहा जाता था कि ऐसी नई-नई बीमारियां आएंगी, 1 रुपये की दवा 1000 में नहीं मिलेगी*महाराज जी बताया तो भाई जब पहले कहा जाता था कि ऐसी नई-नई बीमारियां आएंगी कि एक रुपये की दवा, हजार रुपए देने पर भी नहीं मिलेगी। डॉ खोजते रह जाएंगे तब तक बहुत से लोग मर जाएंगे। कई करोड़ लोग चले गए। दवा अभी भी पक्की, पुख्ता नहीं मिल पाई।तो आप यह समझो यह क्या है? यह है कर्मों की सजा। जो खाने-पीने से, बदपहरेजी से, मौसम के बदलाव से जो रोग हो जाएगा वह तो पैसे से दवा से ठीक हो जाएगा। लेकिन जब कर्मों का बोझा आएगा, जब कर्मों की सजा मिलेगी तब दवा से ठीक नहीं होगी, न जोर से, न ताकत से, न पॉवर से होगी।आप देखो बड़े-बड़े डॉक्टर, मंत्री और पॉवर वाले कई लोग ऐसे शरीर छोड़कर के कुदरती सजा में, कोरोना रोग में चले गए।प्रेमियों! आप समझो अभी से आप लोग प्रयास करो, समझाओ, बताओ – जिनसे आपका खून का रिश्ता है, व्यापारिक रिश्ता है, आप जिनसे सामान खरीदते हो, जिनको आप सामान बेचते हो, दफ्तर में जिनके साथ काम करते हो, खेतों में काम करते हो। आप सबको बताओ और समझाओ।*प्रेमियों! लोगों को बनाओ शाकाहारी*शाकाहारी लोगों को बनाओ, नशामुक्त लोगों को बनाओ। प्रेमियों! अगर आप सब लोग शाकाहारी हो जाओगे तो आज की तरह से जो बीमारियां घर-घर हो रही हैं इनमें कमी आ जाएगी। घर-घर में बीमारी, घर -घर में लड़ाई-झगड़ा। अभी कहा जाए कि इसमें जो लोग बैठे हो, एक साल के अंदर कोई बीमार नहीं हुआ तो कोई हाथ नहीं उठाओगे। कह दिया जाए कि ऐसे कोई हो जिनके घर में एक साल के अंदर झगड़ा ही नहीं हुआ, कोई नहीं हाथ उठाओगे। कुछ घर तो इनमें ऐसे भी हैं जिनमें कोई ना कोई बीमार ही रहता है। रोज झगड़ा होता है। ये लोग नहीं बताएंगे तो मैं बता दूंगा, दो चार नहीं दस को बता दूंगा। अगर सब आप लोग शाकाहारी हो जाओगे तो इन सब में बहुत कमी आ जाएगी।।।जय गुरुदेव।।परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज, आश्रम उज्जैन( भारत)