FATEHPUR- आवला के पेड की पूजा कर माँगा आरोग्य वरदान

आवला के पेड की पूजा कर माँगा आरोग्य वरदान

यूपी फाइट टाइम्स
ठा. अनीष सिंह

किशनपुर– कार्तिक मास के सोमवार को आंवला नवमी पर विधि विधान से भगवान विष्णु की पूजा की गई और कथा सुनी गई।
मान्यता है कि आवला नवमी की कथा को सुनने से व्रत रखने वाली महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है।माता लक्ष्मी भी उनके परिवार पर प्रसन्न होती है।।
इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करने की परंपरा है। महिलाओं ने सूर्योदय से पूर्व स्नान करने के बाद आंवले के पेड़ की पूजा अर्चना किया।इसके बाद पूरे परिवार के साथ आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन किया गया।
इसे अक्षय नवमी भी कहते है जो कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला नवमी मनाई जाती है।आचार्य गुरुदत्त अग्निहोत्री ने बताया शास्त्रों में आंवला, पीपल, वटवृक्ष, शमी, आम और कदम्ब के वृक्षों को हिन्दू धर्म में वर्णित चारों पुरुषार्थ दिलाने वाला बताया गया है। इन वृक्षों की पूजा करने से भगवान प्रसन्न होते हैं और अपनी कृपा भक्तों पर बरसाते हैं। आंवला नवमी के दिन आंवला वृक्ष का पूजन कई यज्ञों के बराबर शुभ फल देने वाला बताया गया है।